मानव करता क्यों पल-पल...
Human is the key backbone of the universe, the sole creator, inventor, and many more. Thus blogger is trying to thank God for creating him a human.

मानव होना बड़े गर्व की बात है।
मानव करता क्यों पल-पल पश्चाताप है।
मुसाफिरी से मिली यह जिंदगी है।
अपने पराए के अल्फाजों से क्यों दर्द करता आप है।
मानव होना बड़े गर्व की बात है।।
औरों का सुंदर सपना जो ना पाता है अपना।
फिर वह नायक कैसे, और दुनिया को उससे क्यों ही आस हैं।
जो खुद डगमगा रहा हो पथो पर, अपने ख्वाबों को लेकर।
वह पथिक वास्तविक भविष्य की पतवार के साथ हैं ।
मानव होना बड़े गर्व की बात है।।
लाए क्या थे जो लूट जाने का संताप हैं ।
ले क्या जाओगे, जिसके खोने की आह है।
पथ भ्रांति क्यों हो पथिक, महज हमें तुम पर विश्वास है।
मानव होना बड़े गर्व की बात है।।
राही जटिल है माना, पर अंधेरे से तेरा कब है बना।
बेबस दुनिया की आंखें तुझे पुकारती हैं।
एक सहारा तू बना ऐसा ही हर पल निहारती है।
दर्द है बड़ा इस दुनिया में, दर्द देने वाले कहां कम है।
बेबस जनता कराहती है उम्मीद में नेताओं को निहारती है।
क्योंकि उसे यह विश्वास है।
मानव होना बड़े गर्व की बात है।।
वाचाल तुम हो माना, पर किसने और किस्मत से ठाना।
हर तरफ भरा हाहाकार है, मद मदिरा का चीत्कार है।
सपने बुने हैं पर कहां धुने हैं।
रहे वही मंजिल नयी वेसब्र जमाना है।
हर किसी को शीर्ष की चाह, पर कर्तव्य नही निभाना है।
धोखा, उपेक्षा आदत सी बन गई है।
ऐसे में वह राहें, रहकर भी कहाँ वही हैं।
फिर भी आगे बढ़ने में पूर्ण विश्वास है।
मानव होना बड़े गर्व की बात है।।
विशाद की राहों पर, वादे किए जाते हैं।
दिलों में कोई और, पर निभाए किसी और से जाते हैं।
दुनिया बेगानी पर संताप नया है।
इस दुनिया का, अब प्रयास नया है।
घनघोर गर्जनों में अभिलषित, चहुदिश छाया अंधेरा है।
नेता नेताओं के वादों का, बार बार होता संताप है।
मानव होना बड़े गर्व की बात है।।
सादर
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